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आज़मगढ़ के हाजीपुर गोधना के जियाउद्दीन की हिरासत में मौत के बाद रिहाई मंच प्रतिनिधि मंडल ने आज परिजनों से मुलाकात की. मुलाकात के बाद रिहाई मंच ने तत्काल दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तारी की मांग दोहराई।

रिहाई मंच ने प्रथम द्रष्टया इसे पुलिस का आपराधिक षड्यंत्र मानते हुए अम्बेडकर नगर के थाना ज़ैतपुर, जौनपुर के खुटहन और आजमगढ़ के थाना पवई, एसटीएफ व एसओजी को जाँच के दायरे में लाते हुए कार्रवाई करने की माँग के साथ एनएचआरसी की गाइड लाइन के मुताबिक हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने की माँग की.

रिहाई मंच ने यह भी कहा कि इस मामले में लंबे समय से मृतक जियाउद्दीन एवं अन्य कई व्यक्ति पुलिस के संपर्क में थे और अभी भी कुछ व्यक्तियों के पुलिस हिरासत में होने की सूचना है. ऐसे में पुलिस की गैरकानूनी हिरासत में मौजूद व्यक्तियों की सुरक्षा की गारंटी की जाए. इन तथ्यों के आलोक में देखा जाए तो ज़ैतपुर थाने के किसी मामले को लेकर लगातार पुलिस व्यक्तियों के पूछताछ और धन उगाही की बात भी सामने आई है. ऐसे में ये मामला पुलिस द्वारा जबरन धन उगाही का भी है. इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जरूरी है कि दोषी पुलिस कर्मियों के मोबाइल का काल रिकॉर्ड खंगाला जाए.

रिहाई मंच के प्रतिनिधि मंडल में मंच के महासचिव राजीव यादव, तारीक शफीक, एडवोकेट विनोद यादव, कासिम अंसारी और श्याम लाल शामिल रहे.