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केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में किसान आंदोलन कर रहे हैं. किसान नेता राकेश टिकैत देशभर में महापंचायत कर किसानों को सम्बोधित कर रहे हैं. वहीं, राष्ट्रीय लोक दल, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और भी राजनीतिक दल भी किसानों के मसले पर महापंचायत करने में जुटे हुए हैं. तो अब दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) मेरठ में किसान महापंचायत कर रही है.

उत्तर प्रदेश के मेरठ में आम आदमी पार्टी के सयोंजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत के रोने का जिक्र करते हुए कहा कि जब किसान आंदोलन के दौरान राकेश टिकैत रो रहे थे तो मुझसे यह देखा नहीं गया. उन्होंने कहा कि किसानों पर लाठियां बरसाई जा रही है, कीले ठोकी जा रही है. ऐसा तो अंग्रेज़ो ने हमारे किसानों पर इतने जुल्म नहीं किए थे, भाजपा ने तो अंग्रेज़ो को भी पीछे छोड़ दिया.अब ये हमारे किसानों पर झूठे मुकदमे कर रहे है. केजरीवाल ने अपने संबोधन के दौरान कहा, ”आज अपने देश का किसान बहुत ज्यादा पीड़ा में है. किसान भाई परिवार समेत 95 दिनों से कड़कती ठंड में दिल्ली के बॉर्डर पर धरने पर बैठा है. 250 से ज्यादा किसान भाइयों की शहादत हो चुकी है. लेकिन सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रहा है. उन्होंने कहा कि सभी पार्टी की सरकारों ने 70 सालों किसानों को धोखा दिया है. किसान 70 साल से अपनी फ़सल का सही दाम मांग रहा है. सभी के चुनावी घोषणापत्र में लिखा होगा कि हमें जीता दो हम सही दाम दे देंगे. लेकिन अगर सही दाम दे देते तो किसान आत्महत्या नहीं करता.”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर किया बड़ा हमला
योगी सरकार पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि योगी कि ऐसी क्या कमजोरी है कि ये मिल मालिकों को ठीक नहीं कर सकते. जब मैं दिल्ली में सत्ता में आया तो पांच साल बाद बिजली कंपनियों को ठीक कर दिया. पहले दिल्ली में 20-20 हजार बिल आते थे आज दिल्ली में मुफ्त में बिजली मिलती है और 24 घंटे बिजली मिलती है. उन्होंने कहा कि योगी सरकार अगर किसानों को उनकी फसल के पैसे नहीं दिला सकती तो लानत है आप (योगी) पर. आगे दिल्ली मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पार्टी की सरकारों ने 70 सालों किसानों को धोखा दिया है. किसान 70 साल से अपनी फ़सल का सही दाम मांग रहा है. सभी के चुनावी घोषणापत्र में लिखा होगा कि हमें जीता दो हम सही दाम दे देंगे. लेकिन अगर सही दाम दे देते तो किसान आत्महत्या नहीं करता.

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की ओर से किसानों के साथ बातचीत बंद कर दिए जाने को दुखद बताते हुए कहा था कि यह लड़ाई केवल किसानों की नहीं, बल्कि देश के हर आम नागरिक की है. उन्होंने कहा था कि समाधान तो बातचीत से ही निकलेगा. ऐसे में केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए. केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि हमारे देश की सरकार यदि किसानों की नहीं सुनेगी तो किसकी सुनेगी.

किसान महापंचायत के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने खुद किसान नेताओं के साथ बैठक की और कृषि कानून को लेकर चर्चा की. 21 फरवरी को सीएम केजरीवाल ने दिल्ली की विधानसभा में किसान नेताओं के साथ बैठक कर कृषि से जुड़े तीनों कानूनों पर विस्तार से चर्चा की थी. सीएम केजरीवाल ने तब खुद कहा था कि किसान नेताओं ने इन कानूनों से पूरे देश को होने वाले नुकसान को विस्तार से समझाया.