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कैप्टन सतीश शर्मा की अंतिम यात्रा में पहुंचे राहुल गांधी

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे सतीश शर्मा का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. 73 वर्षीय कैप्टन शर्मा कैंसर से पीड़ित थे और पिछले कुछ समय से बीमार थे, जिनका बीते बुधवार को गोवा में निधन हो गया. नेहरू गांधी परिवार के करीबी रहे कैप्टन सतीश शर्मा की अंतिम यात्रा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शामिल हुए और उन्होंने सतीश शर्मा के पार्थिव शरीर को कंधा भी दिया.

तीन -तीन बार लोकसभा और राज्यसभा में थे सदस्य
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के ‘भरत’ बनकर अमेठी से रायबरेली तक गांधी परिवार की खड़ाऊं लेकर संसद की ड्योढी लांघने वाले कैप्टन सतीश शर्मा तीन बार लोकसभा और तीन ही बार राज्यसभा सदस्य भी रहे थे. अस्सी के दशक में कैप्टन शर्मा को राजनीति में पूर्व पीएम राजीव गांधी लेकर आए थे. कैप्टन सतीश शर्मा एक इंडियन एयरलाइंस के पायलट थे और उसी दौरान राजीव गांधी भी पायलट हुआ करते थे. जहाज को हवा में उड़ाने के दौरान ही कैप्टन शर्मा और राजीव गांधी के बीच दोस्ती परवान चढ़ी. हालांकि, राजीव गांधी ने सियासत में अपने भाई संजय गांधी के निधन के बाद कदम रख दिया था, लेकिन कैप्टन सतीश शर्मा पायलट की नौकरी में ही लगे रहे.

पूर्व पीएम राजीव गाँधी के थे करीबी
साल 1984 में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या हो गई और राजीव गांधी देश के पीएम बने. ऐसे में राजीव गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी को देखने के लिए अपने विश्वसनीय मित्र कैप्टन सतीश शर्मा को जिम्मेदारी देने का मन बनाया. इसी के बाद कैप्टन शर्मा पायलट की नौकरी से इस्तीफा देकर राजीव गांधी को सलाह देने वाली कोर टीम का अहम हिस्सा बन गए.

सिकंदराबाद, तेलंगाना में हुआ था जन्म
कैप्टन सतीश शर्मा का जन्म 11 अक्टूबर 1947 को सिकंदराबाद, तेलंगाना में हुआ था. उनकी पढ़ाई देहरादून के कर्नल ब्राउन कैंब्रिज स्कूल में हुई थी. इसके बाद उन्होंने पायलट के तौर पर ट्रेनिंग हासिल की थी और एयर इंडिया में नौकरी करने लगे. इसी दौरान राजीव गांधी से उनकी दोस्ती बनी जो मरते दम तक बरकरार रही. शर्मा रायबरेली और अमेठी निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर चुके शर्मा तीन बार लोकसभा सदस्य चुने गए थे. वह तीन बार राज्यसभा सदस्य भी बने और उन्होंने मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया.